A small poem straight from my heart.
तेरे चेहरे की वो ख़ूबसूरत तस्वीर कहाँ से लाऊं,
हर लम्हा तेरे साथ गुज़रे — ऐसी तक़दीर कहाँ से लाऊं।
मैं तो बस मांगता हूँ हर जनम में तेरा साथ,
अब तू ही बता — मेरे हाथों में वो लकीर कहाँ से लाऊं?
कहते हैं लोग कि वक़्त हर ज़ख्म भर देता है,
पर तुझसे जुड़ा हर पल आज भी मेरी रूह को जला देता है।
सिर्फ कहता नहीं, महसूस करता हूँ —
कि पूरी उम्र तेरा इंतज़ार रहेगा,
तेरी यादों से मुझे आज भी ऐतबार रहेगा।
तू आए या ना आए…
मुझे तो बस तुझसे ही प्यार रहेगा।
लोग कहते हैं —
“इस दुनिया में लड़कियाँ बहुत हैं…”
लेकिन मैं कहता हूँ —
“प्यास तो पानी से बुझेगी,
मैं शराब का क्या करूंगा?”
तेरी कमी तो सिर्फ तू ही पूरी कर सकती है,
मैं किसी और इंसान का क्या करूंगा?
एक आखिरी बात कहना चाहूँगा:
हो सके तो लौट आ… किसी बहाने से,
मेरी दुनिया बिखर गई है तेरे चले जाने से।
तेरे चेहरे की मुस्कान ही मेरी पूरी दुनिया है,
और दिल पे हाथ रख के कहता हूँ —
पूरी ज़िन्दगी…
सिर्फ तुझसे ही
प्यार करूँगा।
